Wednesday, February 11, 2026
Urdu Website
Homeबंगालपश्चिम बंगाल में बेरोजगार युवाओं के लिए 1500 रुपये मासिक भत्ते का...

पश्चिम बंगाल में बेरोजगार युवाओं के लिए 1500 रुपये मासिक भत्ते का ऐलान

कोलकाता: इंसाफ न्यूज ऑनलाइन

पश्चिम बंगाल सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए एक नई कल्याणकारी योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार व्यक्तियों को 1500 रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा। यह घोषणा राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने गुरुवार को बजट पेश करते हुए की।

राज्य विधानसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि इस योजना का नाम ’बांग्लार युवा साथी’ (Banglar Yuva Sathi) रखा गया है। इसके तहत पात्र युवाओं को तब तक मासिक वजीफा दिया जाएगा जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती, या अधिकतम पांच वर्ष की अवधि तक।

चंद्रिमा भट्टाचार्य के अनुसार, यदि तृणमूल कांग्रेस आगामी चुनावों में दोबारा सत्ता में आती है, तो यह योजना 15 अगस्त से लागू की जाएगी।

बजट 2026-27 की अन्य प्रमुख घोषणाएं:

पश्चिम बंगाल सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया है। इसमें महिलाओं, श्रमिकों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए गए हैं:

  • लक्ष्मी भंडार योजना: योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए मासिक सहायता में 500 रुपये की वृद्धि की घोषणा की गई है। यह वृद्धि फरवरी 2026 से लागू होगी।

  • गिग वर्कर्स (Gig Workers): डिलीवरी और अन्य स्वतंत्र काम करने वाले ‘गिग वर्कर्स’ को राज्य की मौजूदा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, जैसे ‘स्वास्थ्य साथी’ में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है।

  • आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मासिक भत्ते में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, मृत्यु की स्थिति में परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया गया है। आशा कार्यकर्ताओं (ASHA workers) के मानदेय में भी 1000 रुपये प्रति माह की वृद्धि की गई है।

  • सिविक वॉलंटियर्स और ग्रीन पुलिस: इनके वेतन में भी 1000 रुपये मासिक वृद्धि की गई है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

  • सरकारी कर्मचारी (DA Hike): राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 4 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की गई है, जो कर्मचारी यूनियनों की लंबे समय से मांग थी।

राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बेरोजगारी और सरकारी कर्मचारियों की अनदेखी के मुद्दे पर भाजपा के हमलों के बीच पेश किया गया यह बजट, तृणमूल कांग्रेस की ‘लोक-कल्याणकारी राजनीति’ को मजबूत करने और आगामी महत्वपूर्ण चुनावों से पहले जन समर्थन हासिल करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments