इंसाफ न्यूज ऑनलाइन
शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 की दोपहर लगभग 1:22 बजे (भारतीय समय) पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता **रेक्टर स्केल पर 5.3 थी, जबकि शुरुआती रिपोर्टों में यूरोपीय-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) ने इसे 5.5 तक बताया था। भूकंप बहुत कम गहराई (लगभग 9.8 से 10 किलोमीटर) पर आया था, जिस कारण इसका प्रभाव व्यापक क्षेत्र में महसूस हुआ।

भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के खुलना डिवीजन में था, सतखिरा (Satkhira) के पास लगभग 26 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और ताकी (पश्चिम बंगाल) से 26 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में। कोलकाता से लगभग 80-90 किलोमीटर दूर होने के बावजूद शहर में उत्तर से दक्षिण तक ऊंची इमारतें कई सेकंड तक हिलती रहीं। लोगों ने तेज हलचल महसूस की और डर के मारे सड़कों पर निकल आए। कुछ इलाकों में पुरानी इमारतों में दरारें आने या हल्के नुकसान की खबरें मिलीं, हालांकि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
पश्चिम बंगाल के जिलों जैसे उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और अन्य में भी झटके महसूस किए गए। लोगों ने छत के पंखों के झूलने, दुकानों में हड़कंप और इमारतों के हिलने की जानकारी दी।
दूसरी ओर, उसी दिन रात 12 बजे सिक्किम में एक हल्का भूकंप (तीव्रता 2.4) आया, जहां भी कोई नुकसान नहीं हुआ। इससे पहले 3 फरवरी को म्यांमार के केंद्र से तीव्रता 6 का भूकंप कोलकाता में महसूस किया गया था।
यह भूकंप बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में भूकंपों की एक नई लहर का हिस्सा लगता है, जहां हाल के दिनों में कई हल्के झटके भी आए हैं।
