उत्तर और दक्षिण 24 परगना में भी 10 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम ‘पेंडिंग’
कोलकाता: इंसाफ न्यूज ऑनलाइन चार महीने की कड़ी मशक्कत के बाद चुनाव आयोग ने आखिरकार मतदाता सूची (Voter List) की एक अधूरी अंतिम सूची जारी कर दी है। इस सूची से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसमें 5 लाख 46 हजार 53 नामों को नए सिरे से हटा दिया गया है। इसके बावजूद आयोग के पास अब भी 60 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम ‘विचाराधीन’ (Pending) श्रेणी में हैं।
चुनाव आयोग द्वारा जारी जिलावार आंकड़ों के अनुसार, इन 60 लाख में से 24 लाख नामों का संबंध केवल तीन जिलों मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर से है। संयोग से ये तीनों जिले मुस्लिम बहुल इलाके हैं, जो राजनीतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
आयोग के आंकड़ों का विवरण:
मुर्शिदाबाद: 11 लाख 01 हजार 145 नाम विचाराधीन
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मालदा: 08 लाख 28 हजार 127 नाम विचाराधीन
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उत्तर दिनाजपुर: 04 लाख 80 हजार 341 नाम विचाराधीन
इन तीन जिलों में लंबित नामों की कुल संख्या 24 लाख 09 हजार 613 है। इसके अलावा उत्तर 24 परगना में 5 लाख 91 हजार 252 और दक्षिण 24 परगना में 5 लाख 22 हजार 42 नामों को भी जांच के लिए रोका गया है। दोनों 24 परगना में कुल मिलाकर 11 लाख 13 हजार 294 नाम विचाराधीन हैं।
राजनीतिक चिंता और प्रतिक्रिया: हैरान करने वाली बात यह है कि इन पांच जिलों में विचाराधीन नामों की संख्या, राज्य के कुल लंबित नामों का 50 प्रतिशत से अधिक है। राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी नतीजों को प्रभावित करने वाला एक “अर्थपूर्ण” कदम करार दे रहे हैं। हालांकि सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार अभिषेक बनर्जी के कार्यालय ने इन आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण शुरू कर दिया है। टीएमसी के कई नेता निजी बातचीत में इन आंकड़ों को देखकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
गौरतलब है कि उत्तर 24 परगना में बनगांव तहसील के अलावा लगभग हर जगह तृणमूल मजबूत है। इसी तरह दक्षिण 24 परगना भी पूरी तरह से तृणमूल के कब्जे में है। पार्टी के भीतर यह धारणा बन रही है कि जानबूझकर उनके “मजबूत किलों” को ही निशाना बनाया गया है।
भविष्य की स्थिति: हालांकि ये 60 लाख नाम अभी केवल ‘विचाराधीन’ हैं और इनमें से कई नामों के अगली अंतिम सूची में शामिल होने की संभावना है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जिला स्तर पर नामों को रोकने का यह “रुझान” (Trend) किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा कर रहा है।
इन जिलों के अलावा नदिया (2.67 लाख), पूर्व बर्धमान (3.65 लाख) और कूचबिहार (2.38 लाख) में भी बड़ी संख्या में नाम लंबित हैं। हावड़ा, हुगली, पश्चिम मेदिनीपुर और वीरभूम जैसे जिलों में भी यह संख्या एक लाख से अधिक है।
कुल स्थिति का सारांश: * ड्राफ्ट लिस्ट में कुल नाम: 7 करोड़ 08 लाख 16 हजार 630
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अब तक हटाए गए कुल नाम: 63 लाख 66 हजार 952
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नए शामिल नाम (फॉर्म 6 और 8): लगभग 1.88 लाख
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राज्य के कुल वर्तमान मतदाता: 7 करोड़ 04 लाख 59 हजार 284
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया जारी है, जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं।
